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चीन ने कर दिया कमाल! एक साथ 50 परमाणु ऊर्जा रिएक्टर बनाने की हासिल की क्षमता

 Published : Apr 24, 2026 07:56 pm IST,  Updated : Apr 24, 2026 07:56 pm IST

चीन ने जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। देश के परमाणु प्राधिकरण ने कहा है कि बीजिंग के पास दर्जनों न्यूक्लियर परियोजनाओं को एक साथ चलाने की क्षमता है।

China Nuclear Power Plant- India TV Hindi
China Nuclear Power Plant Image Source : AP

बीजिंग: चीन एक साथ 50 तक न्यूक्लियर रिएक्टर बना सकता है। देश के परमाणु प्राधिकरण ने यह बात तब कही है। चीन के परमाणु प्राधिकरण का बयान ऐसे समय पर आया है जब बीजिंग अमेरिका-ईरान जंग के बीच जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए अपने न्यूक्लियर ऊर्जा क्षेत्र का तेजी से विस्तार करने की तैयारी कर रहा है।

न्यूक्लियर एनर्जी एसोसिएशन ने जारी कि रिपोर्ट

देश के न्यूक्लियर एनर्जी एसोसिएशन की ओर से इस हफ्ते जारी की गई एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चीन के पास दर्जनों न्यूक्लियर परियोजनाओं को एक साथ चलाने की क्षमता है। इनमें डिजाइन से लेकर निर्माण तक पूरे प्रोजेक्ट का रोडमैप शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की न्यूक्लियर तकनीक की क्षमताएं नए स्तर तक पहुंच गई है, कई मामलों में तो यह काफी आगे भी निकल चुकी है।

क्या कहते हैं आंकड़े?

सरकारी चैनल CCTV ने चीन न्यूक्लियर एनर्जी एसोसिएशन (CNEA) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि चीन की कुल स्थापित न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता 125 मिलियन किलोवाट (KW) तक पहुंच गई है जो इसे वैश्विक स्तर पर पहले स्थान पर रखती है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन में अभी 60 कमर्शियल न्यूक्लियर रिएक्टर चल रहे हैं और 36 निर्माणाधीन हैं। यह वैश्विक न्यूक्लियर निर्माण का आधे से भी ज्यादा हिस्सा है।

रिपोर्ट के मुताबिक 16 और यूनिटों को मंजूरी मिल चुकी है और उनका निर्माण शुरू होने का इंतजार है। CNEA के रोटेटिंग चेयरमैन यांग चांग्ली ने घरेलू मीडिया आउटलेट chinanews.com.cn को बताया कि 2040 तक चीन की स्थापित क्षमता 200 GW तक पहुंचने का अनुमान है।

बड़ा है चीन का लक्ष्य

बीजिंग ने हाल के वर्षों में अपने न्यूक्लियर ऊर्जा क्षेत्र को तेजी से विकसित करने की दिशा में कदम उठाए हैं। यह कार्बन उत्सर्जन कम करने और देश की जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। ईरान पर चल रहे अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद इन प्रयासों में और भी तेजी आई है। CNEA के अनुसार, चीन का लक्ष्य 2030 तक न्यूक्लियर ऊर्जा के क्षेत्र में एक मजबूत देश बनना है। इसके तहत वह कुल स्थापित न्यूक्लियर क्षमता के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ देगा और पैमाने के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर ऊर्जा उत्पादक बनकर उभरेगा।

चीन तेजी से कर रहा है विकास

चीन की सरकारी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि चीनी न्यूक्लियर सोसाइटी के प्रमुख वांग शौजुन ने कहा कि चीन का न्यूक्लियर प्रोग्राम विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ा है। इसमें न्यूक्लियर तकनीक के नवाचार में क्षमताओं का विस्तार हुआ है, जिसमें तीसरी और चौथी पीढ़ी की न्यूक्लियर ऊर्जा तकनीकें, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत न्यूक्लियर ईंधन चक्र शामिल हैं।

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